फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर
पेमेंट बिजनेस चलाने का सॉफ्टवेयर, डिप्लॉय के लिए तैयार
व्हाइट-लेबल वॉलेट ऐप, मल्टी-करेंसी लेजर, KYC और KYB ऑनबोर्डिंग और ऑपरेशन बैक ऑफिस। पूरे स्टैक के साथ लॉन्च करें, या अलग-अलग मॉड्यूल अपने मौजूदा सिस्टम से जोड़ें।
- ग्राहक वेरिफाई हुआ10:24
- कार्ड जारी हुआ10:19
- पेआउट पूरा हुआ10:12
- अलर्ट रिजॉल्व हुआ09:58
फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर
आपको क्या मिलता है
व्हाइट-लेबल ऐप
वॉलेट और कार्ड के लिए iOS, Android और वेब ऐप, जो आपके ब्रांड और आपके डेवलपर अकाउंट से पब्लिश होते हैं।
कोर लेजर
फिएट और क्रिप्टो के लिए डबल-एंट्री लेजर। हर बैलेंस को उसकी एंट्री तक ट्रेस किया जा सकता है।
KYC और KYB ऑनबोर्डिंग
अपनी जरूरत के हिसाब से सेट होने वाले ऑनबोर्डिंग फ्लो, जिनमें डॉक्यूमेंट कैप्चर, वेरिफिकेशन प्रोवाइडर और मैनुअल रिव्यू की कतारें शामिल हैं।
रिस्क और कंप्लायंस
ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग के नियम, लिमिट और अलर्ट, और आपकी कंप्लायंस टीम के लिए केस मैनेजमेंट।
ऑपरेशन कंसोल
ग्राहक खोजना, ट्रांजैक्शन देखना, रिफंड, एडजस्टमेंट और रिपोर्ट, सब एक बैक ऑफिस में।
रिपोर्टिंग और डेटा
रोज की रिकंसिलिएशन फाइलें, रेगुलेटरी रिपोर्ट और आपके BI टूल के लिए डेटा एक्सपोर्ट।
डिप्लॉयमेंट
तय करें कि प्लेटफॉर्म कैसे और कहाँ चले
होस्टेड सर्विस, डेडिकेटेड एनवायरनमेंट, या API से जुड़े अलग-अलग मॉड्यूल में से चुनें।
- KekaPay की होस्टिंग, लगातार अपडेट के साथ
- आपके चुने हुए क्षेत्र में डेडिकेटेड एनवायरनमेंट
- API के जरिए अलग-अलग मॉड्यूल
फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर
यह कैसे काम करता है
- 01
स्कोपिंग
हम आपके प्रोडक्ट, मार्केट और मौजूदा सिस्टम को समझते हैं, और मिलकर तय करते हैं कि आपको कौन-से मॉड्यूल चाहिए।
- 02
कॉन्फिगरेशन
ब्रांड, प्रोडक्ट, फीस, लिमिट और ऑनबोर्डिंग नियम आपके बिजनेस के हिसाब से सेट किए जाते हैं।
- 03
इंटीग्रेशन और टेस्टिंग
अपने बैंकिंग, कार्ड और KYC पार्टनर्स को जोड़ें, फिर स्टेजिंग एनवायरनमेंट में एंड-टू-एंड टेस्ट करें।
- 04
लाइव जाएं
अपने ऐप पब्लिश करें, ग्राहकों के लिए सर्विस शुरू करें और रोज का कामकाज अपनी टीम को सौंपें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हम अपना ब्रांड और डोमेन इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ। ऐप, ईमेल और ग्राहकों के पेज आपके ब्रांड, आपके डोमेन और आपके ऐप स्टोर अकाउंट से चलते हैं।
क्या हम अपने मौजूदा प्रोवाइडर रख सकते हैं?
हाँ। प्लेटफॉर्म बाहरी बैंकिंग, कार्ड और KYC पार्टनर्स से जुड़ जाता है। ये इंटीग्रेशन हम ऑनबोर्डिंग के दौरान तय करते हैं।
क्या हर मॉड्यूल इस्तेमाल करना जरूरी है?
नहीं। कई क्लाइंट एक मॉड्यूल से शुरू करते हैं, जैसे लेजर या ऑनबोर्डिंग फ्लो, और बाकी बाद में जोड़ते हैं।
ग्राहकों का डेटा किसका है?
आपका। हम आपकी ओर से डेटा कैसे प्रोसेस करते हैं, यह सर्विस एग्रीमेंट में लिखा होता है।
इनके साथ इस्तेमाल करें
हमें बताएं कि आपको क्या भेजना, पाना या कन्वर्ट करना है।
हम आपको बताएंगे कि आपके बिजनेस पर कौन-से प्रोडक्ट, प्राइसिंग और ऑनबोर्डिंग स्टेप लागू होते हैं।